आजकल के बच्चे टीवी, मोबाइल फोन और अन्य चीजों में उलझे रहते हैं, वे अपनी संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं
पलामू। कहते है हनुमान चालीसा को डर, भय, संकट या विपत्ति आने पर पढ़ने से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। अगर किसी व्यक्ति पर शनि का संकट छाया है तो उस व्यक्ति का हनुमान चालीसा पढ़ना चाहिए। इससे उसके जीवन में शांति आती है।
इसी उद्देश्य से कान्यकुब्ज ब्राह्मण महासभा के पलामू जिला संयोजक धनंजय तिवारी का लक्ष्य है कि झारखंड के सभी स्कूलों में हनुमान चालीसा का पाठ करवा कर हर बच्चे भारत की संस्कृति और सभ्यता की माला में पिरोएं.
श्री तिवारी ने बताया कि वे बच्चों को अपने दिन की शुरुआत हनुमान चालीसा से शुरू करने का आग्रह करते हैं। तथा इसके लिए झारखंड सरकार और सभी सरकारी गैर सरकारी विद्यालयों से निवेदन करते है की एक जुट होकर अपने अपने संस्थान में प्रत्येक दिन परार्थना सभा में हनुमान चालीसा का पाठ कराने का विचार करें।
श्री तिवारी का कहना है कि सामूहिक हनुमान चालीसा के पाठ से पूरे समाज, भारतवर्ष और पूरी दुनिया का कल्याण होगा. उन्होंने बताया कि आजकल के बच्चे टीवी, मोबाइल फोन और अन्य चीजों में उलझे रहते हैं. वे अपनी संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं इसलिए उन्हें अच्छी शिक्षा के साथ भारत की संस्कृति और सभ्यता की भी सीख मिलनी चाहिए।